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सांस फूलने का सबसे बड़ा कारण बॉडी को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ नहीं मिल पाना जिसकी वजह से फेफड़ों पर दबाव पड़ता है और फेफड़े ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पाने के लिठसांस लेने की गति को बढ़ा देते हैं। सांसों की गति के बढ़ने को हम सांस फूलना कहते हैं। यदि समय रहते सांस फूलने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया गया तो इस के परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।
सांस फूलने के कारण:
दमा:
यह आमतौर पर वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। जिन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखा जा सकता है वे हैं खांसी, सीने में दरà¥à¤¦ और सांस की तकलीफ। सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हलà¥à¤•े या गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ इलाज इनà¥à¤¹à¥‡à¤²à¤° है। दमा के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ इनà¥à¤¹à¥‡à¤²à¤° लेगा।
नà¥à¤¯à¥‚मोनिया:
यह बड़े वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होता है। यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक हो सकता है। के लकà¥à¤·à¤£ निमोनिया रहे à¤à¥‚ख में कमी, पसीना, कंपकंपी और सिरदरà¥à¤¦à¥¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खांसी आना सांस फूलने का à¤à¤• कारण हो सकता है।
दिल की बीमारी:
कà¥à¤› अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में हारà¥à¤Ÿ फेल हो सकता है जहां लोग ठीक से सांस नहीं ले पाते हैं। ये दà¥à¤°à¤µ दबाव बना सकते हैं और हमारे शरीर में कà¥à¤› ऊतकों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कर सकते हैं और इस अतिरिकà¥à¤¤ दà¥à¤°à¤µ से सूजन हो सकती है जिससे सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ अंतःशलà¥à¤¯à¤¤à¤¾:
यह à¤à¤• जीवन-धमकी वाली सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह फेफड़ों में रकà¥à¤¤ वाहिकाओं के अवरोध का कारण बनती है। इससे सीने में दरà¥à¤¦ और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इलाज से आप बीमारी से निजात पा सकते हैं।
चिंता:
बहà¥à¤¤ से लोग अलग-अलग चीजों के बारे में चिंतित होते हैं और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहा जाता है चिंता विकार। हृदय गति का तेज होना, बीमारी, पसीना आना, सिरदरà¥à¤¦, और पहली बार सांस लेना इसके लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। इसका इलाज विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ उपचारों और दवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से किया जा सकता है।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾:
इसका मतलब है कि हमारे पास कम लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ हैं या कम हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ है। इसके कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की कमी हो सकते हैं। इसमें थकान, बेहोशी महसूस करना और सांस फूलना शामिल हो सकता है। à¤à¤• साधारण रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेने से आसानी से ठीक हो सकता है।
मोटापा:
अधिक वजन होना आपकी सांस फूलने का à¤à¤• बड़ा कारण हो सकता है। आपके वजन में कमी आपको बेहतर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पाने में मदद कर सकती है। जीवनशैली में बदलाव से आपको वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
फेफड़े की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿:
यह सूजन या संकीरà¥à¤£ वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— जैसे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों से सांस फूलने का कारण बन सकता है। ये आपके फेफड़े को कठोर और लोचदार बना सकते हैं। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ होने पर फेफड़ों की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है, बà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤•िइकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸, तथा फेफड़ों का कैंसर.
अनà¥à¤¯ कारणों में शामिल हो सकते हैं:
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी
गलगà¥à¤°à¤‚थि की बीमारी
वजन घटाने
मांसपेशीय दà¥à¤°à¥à¤µà¤¿à¤•ास
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